युवा राजनीति शायरी

देख तेरे गाँव की हालत क्या हो गई इंसान,
पैसों के लिए वोट दिया अब क्यू है परेशान।

अभी जिंदा है हौसला उड़ान बाकी है,
यह हवाओं का सिलसिला है तूफान बाकी है।

।उम्रदराज कांपते हाथों और झुकती कमर को आराम दीजिए।
राजनीति में जोश व जुनून से भरे युवाओं को अवसर दीजिए।
जो बदलाव और चुनाव कल करना है वो आज ही कर दीजिए।
देश कि सूरत व मूर्त बदलना है तो युवाओं को अवसर दीजिए।

सरकारी नौकरी के बाद राजनीति से भी बुजुर्ग आराम करेंगे।
देश के विकास और उन्नति के लिए राजनीति अब युवा करेंगे।।

राजनीतिक संघर्ष चुनाव तक रह गया
विकास का मुद्दा बहाव में बह गया
हर बार सियासत ने जुल्म किये
ग़रीब हर बार जुल्म दबाव में सह गया

राजनीति की सियासत के कई रंग देखेराजनीति
रिश्तों पर हावी होते राजनीति के ढंग देखे
राजनीति के खेल में कोई सगा नहीं
बाप बेटे एक दूसरे के काटते पतंग देखे

“युवा हैं हम, तूफ़ानों से टकराना जानते हैं,
राजनीति क्या चीज़ है, हम देश बदलना जानते हैं।”

“जो कलम से क्रांति लिख दे, वही असली नौजवान है,
जो देश के लिए खड़ा हो, वही हिंदुस्तान है।”

“सियासत में कदम रखा है तो डरना कैसा,
युवा खून है साहब, रुकना कैसा।”

“हम वो पीढ़ी हैं जो इतिहास बदल देगी,
झूठी राजनीति की हर दीवार हिला देगी।”

“कुर्सियों की भूख नहीं, बदलाव की चाह रखते हैं,
हम युवा हैं जनाब, देश से प्यार रखते हैं।”

“आवाज़ उठेगी तो क्रांति भी आएगी,
युवाओं की ताकत एक दिन रंग लाएगी।”

“राजनीति अब बुज़ुर्ग सोच तक सीमित नहीं,
युवा सोच अब हर मैदान में जीत रही।”

“हमसे जलने वालों की अभी और जलानी है,
ये युवा राजनीति है साहब,
पूरी दुनिया हिलानी है।”

“सियासत का खेल हम भी बखूबी जानते हैं,
लोग नाम से नहीं,
काम से पहचानते हैं।”

“जो आज हमें रोकने चले हैं,
कल वही हमारे पीछे चलेंगे।”

“हम राजनीति शौक से नहीं,
ज़िम्मेदारी से करते हैं।”

“ताज नहीं चाहिए, पहचान चाहिए,
इस युवा सोच को पूरा हिंदुस्तान चाहिए।”

“अभी तो एंट्री मारी है मैदान में,
विरोधियों की नींद उड़ना बाकी है।”

“हम वो खिलाड़ी नहीं जो मैदान छोड़ दें,
राजनीति में आए हैं तो इतिहास मोड़ दें।”

“औकात की बात मत कर ऐ दोस्त,
लोग तेरी बंद गली से,
हमारे काफिले निकालते हैं।”

“युवा हूं, झुकना नहीं आता,
राजनीति में आया हूं,
बिकना नहीं आता।”

“हमारी उड़ान देखकर परेशान हैं कुछ लोग,
पर अब आसमान हमारा है।”