JP Nadda से मिलकर CJP Cockroach Janta Party ने क्या मांग की ? और अब तक क्या हुआ !

JP Nadda से मिले CJP प्रदर्शनकारी
JP Nadda से मिले CJP प्रदर्शनकारी

प्रदर्शन की शुरुआत

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और शिक्षा व्यवस्था व पेपर लीक को लेकर, खासकर सोशल मीडिया पर बने माहौल के कारण अधिकांश नौजवान छात्र प्रदर्शन में पहुंचे थे। वे ऑर्गेनिक तरीके से आए थे।

प्रदर्शन में शामिल लोगों का केवल एक छोटा-सा हिस्सा ही चंद्रशेखर रावण की पार्टी, आम आदमी पार्टी और वामपंथी संगठनों द्वारा मोबिलाइज़ किया गया था। आंदोलन मूलतः स्वतःस्फूर्त था। CJP के दो-तीन कथित नेतृत्वकर्ता जे.पी. नड्डा को ज्ञापन देने के नाम पर प्रोटेस्ट और मार्च छोड़कर चले गए।

प्रोटेस्ट लगभग नेतृत्वविहीन हो गया था, लेकिन उसके बाद भी युवाओं में खूब जोश था। बड़ी संख्या में Gen Z युवा पहली बार किसी प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। वे रचनात्मक तरीके से विरोध दर्ज करा रहे थे। “बांग्लादेश बना देंगे ,नेपाल बना देंगे” जैसे नारे लगाने वाले दो-चार लोग रहे होंगे।

उसके आधार पर पूरे आंदोलन को उसी नज़र से देखना या वैसा ठप्पा लगा देना उचित नहीं है। भीड़ द्वारा पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ और हिंसा की घटनाएं आंदोलन के बिल्कुल अंत में हुईं। उससे पहले पुलिस लगातार लाठीचार्ज करती रही और आंसू गैस के गोले छोड़ती रही।

CJP की क्या मांगे हैं ?

प्रमुख मांगें-

  • सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई 
  • केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान की इस्तीफा 
  • NEET अभ्यर्थियों में जिन छात्रों ने आत्महत्या की , उनके परिवारों के लिए एक करोड़ मुआवजा 

केन्द्रीय मंत्री JP Nadda ने क्या कहा

JP Nadda का X Tweet

-आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 AM से ही हमारी बातचीत जारी है। सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई। उनके डेलीगेशन के साथ विस्तार से पहले मौखिक चर्चा हुई और उनके द्वारा लगभग 4 बजे मुझे लिखित याचिका दी गई। मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया कि वे अपने धरने को समाप्त करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करें।

अब आगे क्या ?

संसद भवन के घेराव की कोशिश की गयी जिसमें पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा जिसके बाद आज भी धरना प्रदर्शन शुरू हो गया जो समाप्त नही हुआ

पुलिस ने क्या कहा ?

दिल्ली पुलिस ने मिडिया से कहाँ कि जंतर मंतर पर यानि धरना स्थल पर जो टेंट लगा है उसे छात्रों व पब्लिक ने फाड़ा है हमने नहीं……

जनता क्या कह रही ?

अगर यह छात्रों का शांतिपूर्ण आंदोलन था, तो दिल्ली पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ क्यों हुई?  पत्थरबाज़ी, हिंसा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाकर कोई आंदोलन मज़बूत नहीं होता, बल्कि अपनी विश्वसनीयता खो देता है।  जो लोग हर मुद्दे पर लोकतंत्र की बात करते हैं, वे इस हिंसा पर खामोश क्यों हैं?   दिल्ली पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपना कर्तव्य निभा रही है।  हम दिल्ली पुलिस के साथ खड़े हैं। विरोध का अधिकार है, हिंसा का नहीं

चंद्रशेखर रावण का धरना पर बैठना

लाठी चार्ज के वरोध में सांसद चंद्रशेखर रावण संसद के बाहर धरना पर बैठ गए हैं

उनका tweet है 

जहाँ संविधान की शपथ ली, आज वहीं संविधान का सम्मान बचाने बैठा हूँ। मासूमों पर हुए अत्याचार के विरुद्ध अपना कर्तव्य निभा रहा हूँ।

 

चंद्रशेखर रावण धरना पर बैठे
चंद्रशेखर रावण धरना पर बैठे

Education Minister शिक्षामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा कब ?

CJP के प्रमुख मांगों में से एक है शिक्षामंत्री का इस्तीफा जिसका हलचल शुरू हो चूका है 

ऐसी ख़बरें आरही थी की गृह मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से मिलने गए थे और खबर ये भी आई की शिक्षा मंत्री के तौर पर राघव चढ्ढा को बनाया जा सकता है लेकिन अभी स्थिति साफ नहीं हुई है

 

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